Rupees 500 And Rupees 1000 Notes Are Banned Or Consider Illegal In India

Rupees 500 And Rupees 1000 Note Stopped/Banned

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PM Modi Talk On Indian 500 and 1000 Note

Today Indian Prime Minister Mr. Modi says that Rs 500 and Rs 1000 notes cannot be used any more by any one. And this rule is applied from today midnight in all over India. It means that Rs 500 and Rs 1000 notes can be used for any purpose. And must be used in only two kind’s emergency one in hospital/dispensary and second one in petrol pump within72 hours.

This being happened to lower the the black money market, money fraud cases, duplicate currency note, and to bring honest in people. So that India will become corrupt free nation. And those who have such currency like Rs 500 and Rs 1000 notes must have to change them through via going to post offices and by showing your any identity proof from your aadhaar card, PAN card, ration card copy, passport you can easily exchange your money.

Also bank will shut down for next two days. And all ATM will also remain closed. So all we have to cooperate with this the banks. To make this nation corruption free everyone have to take part in this. So let’s have a look on Modi speech in detail.

Modi Speech In Hindi On Notes Which IS Now Illegal or Banned In India

नई दिल्ली. नरेंद्र मोदी देश को संबोधित कर रहे हैं। मोदी ने कहा- आज मध्यरात्रि यानी 8 नवंबर 2016 की रात 12 बजे से वर्तमान में जारी 500 रुपए और एक हजार रुपए के करंसी नोट लीगल टेंडर नहीं रहेंगे। यानी ये मुद्राएं कानून अमान्य होंगी। पीएम ने कहा कि हमने काले धन के चोरों के लिए दरवाजे बंद कर दिए हैं। 9 और 10 नवंबर को एटीएम काम नहीं करेंगे। कुछ दिन तक सिर्फ दो हजार एटीएम से निकाले जा सकेंगे। मोदी ने कहा कि देश अब शुचिता की दिवाली मनाए।

UPDATES From PM Modi Speech

8:30 PM: ‘‘देश के सामान्य नागरिक की एक ही तमन्ना है कि वह कुछ भी कर गुजरने को तैयार है। आतंक के खिलाफ जंग में हम थोड़ी सी कठिनाई कुछ दिनों के लिए तो सहन कर ही सकते हैं। मेरा विश्वास है कि आम आदमी भ्रष्टाचार के खिलाफ शुचिता के इस महान यज्ञ में खड़ा होगा। दीपावली के पर्व के बाद ईमानदारी के इस उत्सव में आप बढ़चढ़कर भाग लें।’’

8:38 PM: सभी का धन्यवाद और भारत माता की जय।

8:36 PM:देश का ईमानदार नागरिक असुविधा तो चुनेगा लेकिन भ्रष्टाचार नहीं। ये देश की सफाई का अभियान है। ताकि हर नागरिक गर्व के साथ यह काम कर सके। दुनिया को दिखा दें कि भारत का नागरिक कितना ईमानदार है। कार्ड और चेक से लेनदेन पर असर नहीं पड़ेगा।

8:34 PM:9 नवंबर को देश के सभी बैंक बंद रहेंगे और एटीएम काम नहीं करेंगे। मेरा जनता से इतना ही आग्रह है कि वो बैंक और पोस्ट ऑफिस के लोगों को सपोर्ट करेंगे। पांच और 10 हजार के नोटों का प्रस्ताव आया था जिसे हमने स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसके लिए रिजर्व बैंक तैयारी कर रहा है। राष्ट्र निमार्ण के काम में योगदान देना है। भ्रष्टाचार और कालाधन के महायज्ञ के दौरान आपको आहूति देनी है। आप जितना सहयोग करेंगे उतना ही सफल होंगे।

8:29 PM:‘‘अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों, पेट्रोल पंपों पर 72 घंटे तक ये मान्य रहेंगे। मैं यह स्पष्ट करना चाहूंगा कि नॉन-कैश लेनदेन यानी डेबिट-क्रेडिट कार्ड जैसे पेमेंट में कोई रुकावट नहीं आएगी। इन सारे इंतजामों के बावजूद हमारे ईमानदार देशवासियों को तकलीफ का सामना करना पड़ा तो अनुभव यह बताता है कि देश का ईमानदार नागरिक भलाई के लिए कठिनाई का सामना करने में कभी पीछे नहीं रहता।’’

8:24 PM:‘‘10 नवंबर तक एटीएम काम नहीं करेंगे। प्रतिदिन निकाली जा सकने वाली सीमा 2000 रुपए रहेगी। फिर उसे बढ़ाकर 4000 रुपए कर दिया जाएगा। 500 और 1000 रुपए के पुराने नोट आज रात 12 बजे से कानूनी तौर पर खत्म हो जाएंगे। लेकिन सामान्य जनजीवन की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मानवीय दृष्टिकोण से हमने इस प्रक्रिया में शुरुआती 72 घंटों में यानी 11 नवंबर रात 12 बजे तक नागरिकों के लिए कुछ विशेष व्यवस्था की है। 11 नवंबर रात 12 बजे तक सरकारी अस्पतालों में ये नोट स्वीकार किए जाएंगे। इससे वैसे परिवार जिनमें कोई बीमार है, उन्हें इलाज में कोई बाधा नहीं आएगी। मेडिकल की दुकानों पर भी डॉक्टर का पर्चा दिखाकर और स्टेशनों पर टिकट खरीदे जा सकेंगे।’’

8:22 PM: ‘‘10 नवंबर से 24 नवंबर तक 4000 रुपए तक के पुराने 500 और 1000 के नोट बदले जा सकते हैं। 15 दिन बाद यानी 25 नवंबर से 4000 रुपए की सीमा में वृद्धि कर दी जाएगी। ऐसे लोग जो इस समय यानी सीमा के अंदर यानी 30 दिसंबर 2016 तक पुराने नोट किसी कारणवश जमा नहीं कर पाए तो उन्हें 500 और 1000 के नोट बदलने का एक आखिरी अवसर भी दिया जाएगा। वे रिजर्व बैंक में घोषणा पत्र के साथ 31 मार्च 2017 तक जमा करा सकेंगे।‘‘

8:20 PM: ‘‘खाते में जमा करने की सुविधा के साथ-साथ दूसरी सुविधा भी दी जा रही है। तत्काल आवश्यकता के लिए पांच सौ और एक हजार के पुराने नोटों को किसी भी बैंक या प्रमुख या उप डाकघर के काउंटर से अपना पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड, मतदाता पत्र, राशन कार्ड, पासपोर्ट, पैन कार्ड आदि सबूत के रूप में पेश करके नोट बदल सकते हैं।’’

8:18 PM: ‘‘ आज मध्यरात्रि यानी 8 नवंबर 2016 की रात 12 बजे से वर्तमान में जारी 500 रुपए और एक हजार रुपए के करंसी नोट लीगल टेंडर नहीं रहेंगे। यानी ये मुद्राएं कानून अमान्य होंगी। भ्रष्टाचार, कालेधन और जाली नोट के कारोबार में लिप्ट देशविरोधी और समाजविरोधी तत्वों के पास मौजूद हजार और पांच सौ रुपए के नोट कागज के एक टुकड़े के समान रह जाएंगे। ऐसे नागरिक जो संपत्ति मेहनत और ईमानदारी से कमा रहे हैं, उनके हितों और हक की पूरी रक्षा की जाएगी। 100, 50, 20, 10, 5, 2, 1 रुपए के नोट और सिक्कों पर कोई रोक नहीं है।’’

8:16 PM:‘‘भ्रष्टाचार से जमा किया गया धन हो या कालाधन हो, ये दोनों बेनामी हवाला कारोबार को भी मदद देते हैं। और हम जानते हैं कि हवाला का उपयोग आतंकियों ने हथियारों की खरीद-फरोख्त में भी किया है। चुनावों में कालेधन के उपयोग की बात भी पुरानी है।’’
8:15 PM:‘‘आपका भी खुद का अनुभव होगा जब मकान-जमीन खरीदने जाते होंगे तो सौदा होने पर आपसे कहते होंगे कि कुछ चेक में लेंगे बाकी कैश में। ईमानदार व्यक्ति के लिए कुछ भी खरीदना, एक मध्यमवर्ग के व्यक्ति काे घर भी खरीदना हो और कालाधन न हो तो परेशानी हो जाती है।’’
आज मध्यरात्रि यानी 8 नवंबर 2016 की रात 12 बजे से वर्तमान में जारी 500 रुपए और एक हजार रुपए के करंसी नोट लीगल टेंडर नहीं रहेंगे। यानी ये मुद्राएं कानून अमान्य होंगी।

8:13 PM: ‘‘पिछले ढाई साल में भ्रष्टाचारियों से करीब-करीब सवा लाख करोड़ रुपए का कालाधन बाहर लाया गया। ऐसे कराेड़ों भारतवासी जिनकी रग-रग में ईमानदारी दौड़ती है, उनका मानना है कि भ्रष्टाचार कालेधन बेनामी संपत्ति, जाली नोट और आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई होनी चाहिए। कौन ईमानदार नागरिक ऐसा होगा जिसे अफसरों के घर बिस्तर के नीचे से या जगह-जगह या बोरियों में करोड़ों रुपए मिलने पर पीड़ा न होती हो।’’

8:12 PM: ‘‘भ्रष्टाचार-कालेधन के खिलाफ लड़ाई की शुरुआत करते हुए हमने कई कदम उठाए। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज की अध्यक्षता में हमने एसआईटी का गठन किया। 2015 में मजबूत कानून बनाने का हमने काम किया। विदेशों से कालाधन वापस लाने के लिए विभिन्न देशों के साथ नए समझौते किए। अमेरिका समेत कई देशों के साथ सूचना आदान-प्रदान का समझौता किया। अगस्त 2016 में बेनामी संपत्ति रोकने के लिए एक और मजबूत कानून बनाया। इन सारे कानूनों से एक बहुत बड़ा चोर दरवाजा बंद किया गया।’’

8:10 PM:‘‘आतंकवाद की भयानकता को कौन नहीं जानता। कितने निर्दोष लोगों को मौत के घाट उतार दिया जाता है। इन आतंकियों काे पैसा कहां से आता है। सीमा पार के हमारे शत्रु नकली नोटों के जरिए अपना धंधा भारत में चलाते हैं।’’
8:08 PM: मोदी ने कहा, ”कई बार हम सुनते हैं कि कोई रिक्शा-ट्रैक्सी ड्राइवर लोगों का सामान खोने पर आदमी को ढूंढता है और सामान लौटाता है। मेरे प्यारे देशवासियो! इस बात के ये सबूत है कि हिंदुस्तान का सामान्य से सामान्य नागरिक ईमानदार है। हर देश के विकास के इतिहास में ऐसे क्षण आए जब एक शक्तिशाली और निर्णायक कदम की आवश्यकता महसूस की। इस देश ने बरसों से महसूस किया है कि भ्रष्टाचार, जाली नोट, आतंकवाद ऐसे नासूर हैं जो देश को विकास की दौड़ में पीछे धकेलते हैं। ये देश-समाज को अंदर ही अंदर खोखला करते हैं।

8:07 PM:मोदी ने कहा, ”एक तरफ तो हम आर्थिक तेजी में नंबर वन है, वहीं भ्रष्टाचार भी ज्यादा है। हम 76वें नंबर पर हैं। ये बताता है कि भ्रष्टाचार कितना फैला हुआ है। इस बीमारी को कुछ वर्ग विशेष्ज्ञ के लोगों ने अपने स्वास्थ्य के कारण फैला रखा है। गरीबों के हक को नजरअंदाज कर ये खुद फलते-फूलते रहे हैं। कुछ लोगों ने पद का दुरुपयोग करते हुए इसका गलत फायदा उठाया।”
8:06 PM:मोदी ने कहा, ‘‘जननी योजना, सिंचाई योजना, सॉइल हेल्थ कार्ड जैसी योजनाओं से साफ नजर आता है कि सरकार गांव-गरीब के लिए समर्पित है। मेरे प्यारे देशवासियो! हम पिछले एक दशक से अनुभव कर रहे हैं कि देश में भ्रष्टाचार और कालेधन की बीमारियों ने अपनी जड़ें जमा ली हैं और देश से गरीबी हटाने में ये भ्रष्टाचार और ये कालाधन जैसे गोरखधंधे सबसे बड़ी बाधा है।’’

8:04 PM:मोदी ने कहा, ‘‘ऐसा नहीं है कि ये दावा हम कर रहे हैं। ये आवाज आईएमएफ से भी गूंज रही है। विकास की इस दौड़ में हमारा मूल मंत्र रहा है- सबका साथ, सबका विकास। यह सरकार गरीबों को समर्पित है और समर्पित रहेगी। गरीबी के खिलाफ हमारी लड़ाई का मुख्य शस्त्र गरीबों का, देश की अर्थव्यवस्था और संपन्नता में सक्रिय भागीदारी यानी गरीबों का सशक्तीकरण है।’’

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